राज्य सरकार ने सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर रोक लगा दी हैै। 1 अक्टूबर को इससे संबंधित आदेश जारी किया गया। इसके बाद से डॉक्टरों में नाराजगी है। अब यह नाराजगी इस्तीफे के रूप में सामने आ रही है। 5 नवंबर को अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज राजनांदगांव के 20 डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। इनमें नियमित और संविदा दोनों डॉक्टर शामिल है।
इसके पहले स्व. चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज दुर्ग के 12 डॉक्टर इस्तीफे का नोटिस दे चुके हैं। डीकेएस सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल रायपुर के 3 सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर नौकरी छोड़ चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक रायगढ़, कांकेर, रायपुर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर भी नौकरी छोड़ने की तैयारी में है। इन इस्तीफों के बाद चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। वैसे भी राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भारी कमी है। खासकर बीते 4-5 साल में खुले मेडिकल कॉलेजों में। अब डॉक्टर इस्तीफा देंगे तो स्वास्थ्य सेवाएं बाधित होना तय है।