अहमदाबाद। अहमदाबाद से लंदन जा रहे एअर इंडिया विमान के क्रैश में मारे गए ब्रिटिश नागरिकों के परिजनों ने शवों की पहचान को लेकर चिंता जताई है। ब्रिटेन की स्टोन लॉ फर्म ने दावा किया है कि भारत से भेजे गए 12 शवों में से दो की पहचान गलत निकली, जिससे करीब 40 शवों की पहचान पर संदेह खड़ा हो गया है। कई शवों का अंतिम संस्कार भी हो चुका है, जिससे परिजन असमंजस में हैं।
ब्रिटिश वकील जेम्स हीली-प्रैट ने भारत की जांच एजेंसी एएआईबी (AAIB) से अपील की है कि वे कॉकपिट रिकॉर्डिंग और फ्यूल-कटऑफ जैसे महत्वपूर्ण सबूत परिजनों को दें। हाल ही में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत के बाद DNA जांच प्रक्रिया तेज हुई है।
वहीं टाटा समूह की ₹500 करोड़ के मुआवजे की योजना को लेकर परिजन स्पष्ट जानकारी की मांग कर रहे हैं। कानूनी प्रक्रियाओं में भारत, इंग्लैंड और अमेरिका के अलग-अलग नियम होने से मुआवजे में देरी हो सकती है।
हादसा 12 जून को अहमदाबाद में हुआ था, जिसमें 270 लोगों की जान गई थी। विमान में 242 लोग सवार थे और 29 मौतें मेडिकल हॉस्टल पर गिरने से हुईं। केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि जांच में ह्यूमन फैक्टर स्पेशलिस्ट भी शामिल किए गए हैं, जो दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय कारणों की पड़ताल कर रहे हैं। हालांकि वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट जिसमें पायलट द्वारा फ्यूल सप्लाई काटने की आशंका जताई गई थी, उसे भारतीय और अमेरिकी जांच एजेंसियों ने खारिज कर दिया है।