दिल्ली। म्यांमार के म्यावाड्डी स्थित ठगी केंद्रों में फंसे 125 भारतीय नागरिकों को थाईलैंड के रास्ते सुरक्षित रूप से भारत वापस लाया गया है।
बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि इन सभी को एक सैन्य विमान के माध्यम से थाईलैंड से भारत भेजा गया। यह कार्रवाई दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित साइबर ठगी गिरोहों में फंसे भारतीयों को बचाने के लिए चलाए जा रहे बड़े अभियान का हिस्सा है।
दूतावास के अनुसार, इस वर्ष मार्च से अब तक कुल 1,500 भारतीयों को म्यांमार के ऐसे ठगी केंद्रों से छुड़ाकर थाईलैंड के जरिये स्वदेश पहुंचाया जा चुका है। भारतीय दूतावास और चियांग माई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास इस अभियान में थाई सरकार तथा टाक प्रांत की विभिन्न एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय कर रहे हैं।
इन केंद्रों में फंसे कई भारतीय जालसाज भर्ती एजेंटों के झांसे में आकर पहुंचे थे, जहां उन्हें अवैध ऑनलाइन फ्रॉड ऑपरेशनों में जबरन काम कराया जाता था। दूतावास ने भारतीय नागरिकों को विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले नियोक्ता और भर्ती एजेंटों की साख की कड़ाई से जांच करने की सलाह दी है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि थाईलैंड में भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश केवल पर्यटन और अल्पकालिक कारोबारी यात्रा के लिए है, रोजगार के लिए इसका उपयोग करना नियमों का उल्लंघन है।
इससे पहले मंगलवार को भी 11 महिलाओं सहित 269 भारतीय नागरिकों को माई सोत के रास्ते भारतीय वायुसेना की दो विशेष उड़ानों से स्वदेश लौटाया गया था।
प्रत्यावर्तन प्रक्रिया को सुगम बनाने में भारतीय दूतावास, भारतीय वाणिज्य दूतावास, रॉयल थाई सरकार और टाक प्रांत की प्रशासनिक एजेंसियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सरकार का यह सतत प्रयास न केवल भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता दर्शाता है, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया में फैलते साइबर अपराध नेटवर्क पर अंकुश लगाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

