रायपुर। राजधानी रायपुर के सेजबहार हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फेस-वन में पेयजल व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। लंबे समय से लोग गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि पिछले कुछ दिनों से नलों से निकलने वाले पानी में कीड़े दिखाई देने लगे हैं। कई घरों में बाल्टी भरते ही पानी में काई, गंदगी और दुर्गंध साफ नजर आ रही है, जिससे रहवासियों में डर और गुस्सा दोनों है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के दिनों में कॉलोनी में पर्याप्त पानी नहीं मिलता, जबकि सर्दियों में पानी की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। बीते कुछ महीनों से नलों से थोड़ा-थोड़ा गंदा पानी आ रहा था, लेकिन पिछले तीन दिनों में स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। पानी न पीने लायक बचा है और न ही रोजमर्रा के कामों में इस्तेमाल किया जा सकता है। मजबूरी में लोग बाजार से पीने का पानी खरीद रहे हैं, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
जब लगातार शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो रहवासियों ने खुद जांच की। तब पता चला कि कॉलोनी की मुख्य जलापूर्ति पाइपलाइन खुले नाले के बीच से होकर गुजर रही है। यह पाइपलाइन कई जगह से जर्जर और टूटी हुई है, जिससे नाली का गंदा पानी रिसकर सप्लाई लाइन में मिल रहा है। यही दूषित पानी सीधे घरों तक पहुंच रहा था।
गुरुवार को संबंधित विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत कराई, लेकिन लोगों का कहना है कि अब भी पानी पूरी तरह साफ नहीं हो पाया है। रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने महीनों पहले हाउसिंग बोर्ड कार्यालय में शिकायत की थी, लेकिन समय पर न तो पाइपलाइन बदली गई और न ही वैकल्पिक स्वच्छ पानी की व्यवस्था की गई।
गंदे पानी के कारण उल्टी-दस्त, त्वचा रोग और अन्य संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। इस मामले पर छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के कार्यपालन अभियंता नितेश कश्यप ने कहा कि पाइपलाइन लीकेज को ठीक किया गया है और जहां भी समस्या मिलेगी, उसे जल्द दुरुस्त किया जाएगा। रहवासियों ने मांग की है कि पूरी पाइपलाइन बदली जाए और नियमित पानी जांच सुनिश्चित की जाए।

