दिल्ली। पश्चिम बंगाल में अप्रैल–मई 2026 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिंगुर में चुनावी रैली कर भाजपा के चुनाव अभियान का शंखनाद किया। बीते एक महीने में यह उनकी दूसरी रैली है, इससे पहले 20 दिसंबर 2025 को वे नदिया में जनसभा कर चुके हैं। सिंगुर की रैली में मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस सरकार पर तीखे हमले किए और चुनावी लड़ाई की लाइन तय कर दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा और एनडीए ने बिहार में जंगलराज खत्म किया और अब पश्चिम बंगाल के “महाजंगलराज” को समाप्त करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव महाजंगलराज और सुशासन के बीच की लड़ाई है। मोदी ने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार वोट बैंक की राजनीति के लिए अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, जिससे देश की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों को बसाया गया है और राज्य सरकार की लापरवाही के कारण सीमा पर बाड़बंदी का काम सालों से रुका है।
प्रधानमंत्री ने तृणमूल शासन पर तीन बड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में सिंडिकेट टैक्स और माफिया राज चल रहा है, केंद्र की योजनाओं को राजनीतिक द्वेष के कारण रोका गया और बंगाल में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। संदेशखाली जैसी घटनाएं इसका उदाहरण हैं।
मोदी ने केंद्र सरकार के कार्य गिनाते हुए कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सम्मान, दुर्गा पूजा को यूनेस्को धरोहर का दर्जा और बंगाली भाषा को शास्त्रीय भाषा का सम्मान भाजपा सरकार की देन है।
उधर, मोदी के आरोपों पर तृणमूल ने पलटवार किया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि 2026 के चुनाव में भाजपा 50 सीटों से नीचे सिमट जाएगी।
तमिलनाडु में भी शंखनाद: बंगाल के साथ तमिलनाडु में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। प्रधानमंत्री मोदी 23 जनवरी को मदुरांतकम में रैली कर एनडीए के चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे।

