लखनऊ। उत्तर प्रदेश में घने कोहरे ने रविवार को कहर बरपा दिया। कम दृश्यता और तेज रफ्तार वाहनों के कारण अलग-अलग जिलों में भीषण सड़क हादसे हुए। दिल्ली–लखनऊ समेत कई हाईवे पर एक के बाद एक टक्कर हुई, जिनमें पिता-पुत्र समेत 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हो गए। कई जगह 50 से अधिक वाहन आपस में टकरा गए, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा।
रामपुर जिले में सबसे दर्दनाक हादसा हुआ। मिलक क्षेत्र के मान सिंह अपने बेटे सूरज और भतीजे कल्याण के साथ बाइक से मजदूरी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान रॉन्ग साइड से आ रहे ऑटो ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिवार में मातम छा गया।
मुरादाबाद में दिल्ली–लखनऊ हाईवे पर लोधीपुर राजपूत गांव के पास कैंटर और कंटेनर की टक्कर में कंटेनर चालक कमल सिंह की जान चली गई। अमरोहा के आदमपुर में मैक्स वाहन गहरी खंदक में पलट गया, जिससे चालक प्रेमपाल की मौत हो गई। वहीं सैदनगली–ढक्का मोड़ के बीच रोडवेज बस की चपेट में आने से इको कार पलट गई, जिसमें ऊषा की मृत्यु हो गई।
गजरौला में घने कोहरे के कारण हाईवे पर 15 से ज्यादा वाहन टकरा गए। शाहजहांपुर के उचौलिया गांव के पास ट्रक की चपेट में आकर महावीर और उनके साले हेमनाथ की मौत हो गई। पीलीभीत में ट्रक की टक्कर से बाइक सवार राजेश की जान चली गई। बरेली के फरीदपुर में 16 वाहनों की टक्कर में रोडवेज बस चालक की मौत हो गई।
इसके अलावा फिरोजाबाद, मेरठ, बागपत और पूरनपुर में भी कई हादसे हुए, जिनमें दर्जनों लोग घायल हुए। प्रशासन ने कोहरे में सावधानी से वाहन चलाने और रफ्तार कम रखने की अपील की है।

