मुंबई। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने सोमवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) मेयर पद पर शिवसेना की दावेदारी के संकेत दिए हैं। शिंदे ने कहा कि 23 जनवरी से शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की जन्मशती वर्ष शुरू हो रही है और इस अवसर पर शिवसैनिकों की इच्छा है कि BMC में शिवसेना का मेयर हो। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी जनादेश के खिलाफ कोई निर्णय नहीं करेगी।
BMC चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने गठबंधन में भाग लिया था। 29 नगर निगमों में हुए चुनाव में भाजपा को 89 सीटें और शिंदे गुट को 29 सीटें मिलीं। मेयर पद के लिए बहुमत का आंकड़ा 114 है। इसके लिए भाजपा को शिंदे गुट के कम से कम 25 पार्षदों का समर्थन चाहिए। नतीजों के बाद शिवसेना ने अपने 29 पार्षदों को बांद्रा के होटल ताज लैंड्स एंड में रखा और उन्हें BMC के कामकाज की जानकारी देने के लिए ओरिएंटेशन वर्कशॉप आयोजित की।
शिंदे ने 18 जनवरी को होटल में अपने सभी 29 पार्षदों से मुलाकात की। 22 जनवरी को मेयर पद के लिए लॉटरी निकाली जाएगी, जिसमें पद ओपन, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग या महिला आरक्षित तय होगा। अधिसूचना जारी होने के बाद मेयर चुनाव 29 या 30 जनवरी को संभव है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने कहा कि भाजपा और शिंदे गुट अपने पार्षदों को सुरक्षित स्थानों पर भेज रहे हैं। शिंदे गुट के नेता संजय निरुपम ने कहा कि अगला मेयर महायुति से ही होगा, जबकि शिवसेना (UBT) का दावा कमजोर है। विपक्ष के पास भी 8 सीटें कम हैं, जिससे पार्षदों की खरीद-फरोख्त और दलबदल का खतरा बना हुआ है।
बीएमसी चुनाव में हार के बाद मुंबई कांग्रेस की आंतरिक कलह भी सामने आई है। हार का ठीकरा वर्षा गायकवाड़ पर फोड़ने वाले नेता जगताप को कांग्रेस आलाकमान ने कारण बताओ नोटिस भेजा है। ऐसे में BMC में मेयर पद पर सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों ही गुटों की रणनीति और गठबंधन की भूमिका अहम होगी।

