छत्तीसगढ़ में 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स बनेगी, 35 कॉलोनियां निगम को सौंपी जाएंगी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ड्रग्स तस्करी और नशे से जुड़े अपराधों पर सख्ती बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के 10 जिलों में नशा विरोधी जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इस टास्क फोर्स के लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं। टास्क फोर्स का उद्देश्य नशे के कारोबार पर निगरानी बढ़ाना और अपराधियों को पकड़ना होगा। साथ ही, पुलिस मुख्यालय के तहत विशेष अभियान समूह बनाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष बल में 44 नए पद बनाए जाएंगे। यह टीम किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना, आतंकी खतरे या गंभीर स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी। कैबिनेट ने प्रदेश में पायलट प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की भी मंजूरी दी है। अलग-अलग हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर स्थापित यह संस्थान निजी भागीदारी से होगा। इससे युवाओं को पायलट बनने का अवसर मिलेगा और हवाई खेल, विमान मरम्मत और हेलीकॉप्टर ईंधन जैसी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को भी मंजूरी दी है। नीति से नए उद्यमियों, इनक्यूबेशन केंद्रों और नवाचार से जुड़े लोगों को वित्तीय और तकनीकी समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, 35 पूरी हुई आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला किया गया है। इससे लोगों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। कैबिनेट ने नवा रायपुर में बहुमंजिला सरकारी भवन बनाने, सिरपुर और अरपा क्षेत्र में भूमि आवंटन अधिकार कलेक्टर को देने, क्लाउड आधारित नीति लागू करने और मोबाइल टावर योजना के तहत दूरस्थ व नक्सल प्रभावित इलाकों में नेटवर्क पहुंचाने के फैसले भी किए हैं। इन कदमों से छत्तीसगढ़ में सुरक्षा, डिजिटल ढांचा, आवासीय सुविधाएं और नवाचार का वातावरण मजबूत होगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने ड्रग्स तस्करी और नशे से जुड़े अपराधों पर सख्ती बढ़ाने का बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि प्रदेश के 10 जिलों में नशा विरोधी जिला स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा।

इस टास्क फोर्स के लिए 100 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं।

टास्क फोर्स का उद्देश्य नशे के कारोबार पर निगरानी बढ़ाना और अपराधियों को पकड़ना होगा।

साथ ही, पुलिस मुख्यालय के तहत विशेष अभियान समूह बनाने का निर्णय लिया गया है। इस विशेष बल में 44 नए पद बनाए जाएंगे। यह टीम किसी भी बड़ी या आकस्मिक घटना, आतंकी खतरे या गंभीर स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेगी।

कैबिनेट ने प्रदेश में पायलट प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की भी मंजूरी दी है। अलग-अलग हवाई अड्डों और हवाई पट्टियों पर स्थापित यह संस्थान निजी भागीदारी से होगा।

इससे युवाओं को पायलट बनने का अवसर मिलेगा और हवाई खेल, विमान मरम्मत और हेलीकॉप्टर ईंधन जैसी सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा।

सरकार ने नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को भी मंजूरी दी है। नीति से नए उद्यमियों, इनक्यूबेशन केंद्रों और नवाचार से जुड़े लोगों को वित्तीय और तकनीकी समर्थन मिलेगा।

इसके अलावा, 35 पूरी हुई आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला किया गया है। इससे लोगों को पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी।

कैबिनेट ने नवा रायपुर में बहुमंजिला सरकारी भवन बनाने, सिरपुर और अरपा क्षेत्र में भूमि आवंटन अधिकार कलेक्टर को देने, क्लाउड आधारित नीति लागू करने और मोबाइल टावर योजना के तहत दूरस्थ व नक्सल प्रभावित इलाकों में नेटवर्क पहुंचाने के फैसले भी किए हैं। इन कदमों से छत्तीसगढ़ में सुरक्षा, डिजिटल ढांचा, आवासीय सुविधाएं और नवाचार का वातावरण मजबूत होगा।

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