दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अगले 5 दिनों में दो पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होने वाले हैं, जिनका असर अभी से दिखने लगा है। पहला वेस्टर्न डिस्टर्बेंस 5 और 6 फरवरी को एक्टिव रहेगा। इसके चलते मध्य प्रदेश का आधा हिस्सा, उत्तर प्रदेश के करीब 15 जिले, पंजाब-हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तराखंड में सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ है। कई इलाकों में विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिलहाल बर्फबारी थम गई है, लेकिन कड़ाके की ठंड जारी है। पहाड़ी राज्यों में तापमान लगातार माइनस में बना हुआ है। उत्तराखंड में पाले की स्थिति बनी हुई है, जहां रात के समय अत्यधिक ठंड के कारण जमीन, घास और फसलों पर बर्फ जैसी सफेद परत जम गई है। बद्रीनाथ में न्यूनतम तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश के कुकुमसेरी में माइनस 12.2 डिग्री के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा।
राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। वहीं गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में धीरे-धीरे दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना है। अगले दो दिनों में हिमाचल के कुछ जिलों में हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे से अभी राहत मिलने की उम्मीद कम है।

