शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के तीखे बोल, सीएम असली हिंदू नहीं; यूजीसी नियमों पर साधा निशाना

Shankaracharya Avimukteshwaranand's Sharp Remarks: CM Is Not a 'True Hindu'; Takes Aim at UGC Regulations

बिलासपुर। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार को छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पहुंचे, जहाँ उन्होंने वर्तमान राजनीति और धार्मिक मुद्दों पर अत्यंत आक्रामक रुख अपनाया। बेमेतरा के एक कार्यक्रम से लौटते समय उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।

योगी आदित्यनाथ पर विवादित टिप्पणी

शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हिंदूवादी छवि पर प्रहार करते हुए उन्हें ‘असली हिंदू’ मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि, योगी आदित्यनाथ को खुद को साबित करने के लिए 40 दिन का समय दिया गया था, लेकिन वे इसमें विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की सत्ता का ध्येय केवल वोट हासिल करना है, न कि वास्तविक हिंदू हितों की रक्षा करना।

यूजीसी नियमों को बताया ‘राष्ट्रद्रोह’

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए शंकराचार्य ने इसे ‘हिंदुओं को बांटने वाला’ और ‘राष्ट्रद्रोह’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट मांग की कि इन नियमों को किसी भी स्थिति में लागू नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि यह सनातन समाज की एकता के लिए खतरा हैं।

गौ रक्षा और आंतरिक शत्रुओं का उल्लेख

गौ रक्षा के मुद्दे पर सरकारों की चुप्पी पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ दल उनकी आवाज दबाने के लिए ‘हिस्ट्रीशीटरों’ का सहारा ले रहे हैं। सनातन धर्म की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि धर्म को बाहर वालों से उतना खतरा नहीं है, जितना अंदर छिपे ‘कालनेमियों’ से है।

शंकराचार्य का यह बयान छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों, विशेषकर गौ रक्षा और धार्मिक शुचिता के लिए संघर्ष जारी रखेंगे, चाहे सरकारें कितनी भी बाधाएं उत्पन्न करें।

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