डीएड अभ्यर्थियों ने ली जल समाधि, बोले हमें सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त दे

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर के तूंता धरना स्थल पर 2 अक्टूबर से डीएड डिप्लोमा अभ्यर्थी सहायक शिक्षक पद पर जल्द नियुक्ति की मांगों को आंदोलन कर रहे हैं। अब बुधवार को अभ्यर्थियों ने जल सत्याग्रह किया। इस दौरान उन्होंने सांकेतिक जल समाधि ली।

अभ्यर्थियों ने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार हमारी नियुक्ति को लेकर फैसला नहीं ले पा रही है। 2 अप्रैल को हाईकोर्ट का आदेश आया था। जिसमें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा था कि डिप्लोमा अभ्यर्थियों को 6 सप्ताह के भीतर नियुक्ति दी जाए। लेकिन हमारी नियुक्ति नहीं हुई है।

अभ्यर्थी काउंसिलिंग करा कर साल भर से भटक रहे

अभ्यर्थियों ने बताया कि, विभाग और सरकार ने हाईकोर्ट की तरफ से जारी आदेश को नहीं माना। इस आदेश के खिलाफ बीएड अभ्यर्थियों और सरकार दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में 8 याचिकाएं दायर की थी। सरकार और बीएड अभ्यर्थियों के इन सभी मामलों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी 28 अगस्त 2024 को विभाग को आदेश दिए कि डीएड/डिप्लोमा अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति दी जाए।

वहीं, हाईकोर्ट के आदेश को आए 8 महीने हो गए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश को आए 1 महीने से अधिक हो गए। अभ्यर्थी काउंसिलिंग करा कर साल भर से भटक रहें हैं। लेकिन अभी तक हमें नियुक्ति नहीं मिली है।

त्योहार छोड़कर माताएं बहने धरने पर बैठी

कैंडिडेट ने कहा कि, 2 अक्टूबर से हम प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन हमारी मांग नहीं सुनी जा रही है। जिसके लिए हमें जल सत्याग्रह करना पड़ रहा है। सरकार की एक नियुक्ति को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

आज शारदीय नवरात्रि के समय में हम अपने घर को छोड़कर प्रदर्शन कर रहे हैं। बहुत सी माताएं बहने हैं, जो घर से दूर रहकर इस प्रदर्शन में शामिल है। सरकार से हाथ जोड़कर हम निवेदन करते हैं कि हमारा नियुक्ति आदेश निकाले और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करे।

तालाब में डूबकर जमकर नारेबाजी

जल्द से जल्द नियुक्ति की मांग को लेकर नारेबाजी की। साय सरकार के सुशासन और मोदी की गारंटी पर सवाल उठाया कि, अगर बीजेपी की सरकार न्यायालय का सम्मान और संविधान का पालन नहीं कर सकती तो यह बिना न्यायालय आदेश पालन विष्णु का कैसा सुशासन और बिना संविधान के पालन मोदी की कैसी गारंटी।

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