देशभर में आज दुर्गाष्टमी और महानवमी का पर्व मनाया जा रहा है। दिल्ली से लेकर गुजरात तक दुर्गा पंडालों और मंदिरों में देवी मां की पूजा की जा रही है। देवी विसर्जन और दशहरा 12 अक्टूबर को होगा।
अष्टमी पर देवी चामुंडा रूप में प्रकट हुई थीं और नवमी को महारूप में देवताओं को दर्शन दिए थे, इसलिए ये तिथियां खास मानी जाती हैं। इन तिथियों पर शक्तिपीठों में देवी की महापूजा और श्रंगार होता है। कन्या पूजन भी किया जाता है।
देवी शक्तिपीठों में नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर देवी की महापूजा होती है। देवी का अभिषेक होता है। फूलों और सौभाग्य सामग्रियों से देवी का अर्चन किया जाता है। इन तिथियों पर चंडी पाठ और हवन होता है। तंत्र शक्तिपीठों पर बलि दी जाती है।
12 अक्टूबर को रावण दहन के साथ दशहरा मनेगा
पूरे देश में 12 अक्टूबर को रावण दहन के साथ दशहरा मनेगा। लेकिन, यहां दशहरा तो मनेगा पर जयकारे दंतेश्वरी माता के लगेंगे। ये परंपरा बस्तर में 616 साल से चली आ रही है। बस्तर में 75 दिन तक दशहरा पर्व मनाया जाता है। इस बार तिथियों के आगे-पीछे होने के चलते 77 दिन मनेगा। इसकी शुरुआत 4 सितंबर से हो चुकी है और 19 अक्टूबर को समापन होगा। ऐसी मान्यता है कि यहां दशहरा पर्व के दौरान खींचे जाने वाले रथ का संबंध जगन्नाथ पुरी से है।