जन विश्वास विधेयक में बड़े बदलाव, शराब पीने पर भी जुर्माना बढ़ा
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आम लोगों और व्यापारियों को राहत देने के लिए जन विश्वास विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। प्रस्तावित विधेयक में कई पुराने कानूनों में बदलाव किए गए हैं ताकि छोटे अपराधों के लिए जेल की सजा की बजाय सिर्फ आर्थिक दंड लगे।
अब अवैध निर्माण करने पर जेल नहीं होगी। अभी तक अवैध घर, दुकान या कॉम्प्लेक्स बनाने पर 3 महीने की सजा या 50 हजार रुपए जुर्माना था, लेकिन नए प्रस्ताव के मुताबिक अब सिर्फ 50 हजार रुपए का जुर्माना लगेगा।
इसी तरह सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने पर भी जुर्माना बढ़ा दिया गया है। अभी तक यह जुर्माना 2000 रुपए था, जिसे बढ़ाकर 5000 रुपए किया जा रहा है। अगर कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचता या उसका भंडारण करता है, तो अब पहली बार पर 10 हजार और दोबारा अपराध करने पर 20 हजार रुपए जुर्माना लगेगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य, बस स्टैंड, पूजा स्थल जैसे सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने पर भी सीधे जुर्माना वसूला जाएगा। इसके अलावा, औद्योगिक संबंध अधिनियम में भी सुधार किया गया है। विवादों के मामलों में अब सजा नहीं, बल्कि 50% तक की जुर्माना राशि जमा करने का प्रावधान होगा।
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से छोटे अपराधों में जेल भेजने की जरूरत नहीं पड़ेगी और साथ ही प्रशासनिक प्रक्रिया आसान होगी। जनता को अब डर नहीं, बल्कि समझाइश और सुधार का मौका मिलेगा।