रायपुर। राज्य में 9 से 13 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित ‘राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी’ को लेकर सियासी और प्रशासनिक विवाद गहराता जा रहा है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट गाइड की राज्य परिषद का अध्यक्ष बताते हुए आयोजन को स्थगित करने की घोषणा कर दी है। मंगलवार शाम इंटरनेट पर वायरल हुई इस सूचना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।
स्काउट गाइड के राज्य आयुक्त इंदर जोत सिंह खालसा ने इस घोषणा को भ्रामक प्रचार बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक स्थगन आदेश नहीं है। इस पूरे विवाद की जड़ स्काउट गाइड के अध्यक्ष पद को लेकर दावेदारी मानी जा रही है, जिसमें सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव आमने-सामने हैं।
बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि आयोजन में करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। उनका दावा है कि जंबूरी का आयोजन नवा रायपुर में होना था, लेकिन नियमों को दरकिनार कर बालोद में व्यवस्थाएं की गईं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि आयोजन आगे बढ़ता है तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शिक्षा विभाग की होगी।
इस मामले को लेकर सोमवार को प्रदेश कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला। कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एसीबी में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भिलाई में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि स्काउट गाइड का वार्षिक कार्यक्रम पहले से तय रहता है और आयोजन के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से कलेक्टर की अध्यक्षता में करीब पांच करोड़ रुपये का टेंडर किया गया है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा ने बताया कि आयोजन स्थल का निर्णय राज्य कार्यकारिणी द्वारा लिया गया था और जंबूरी बालोद में ही आयोजित की जानी है। जंबूरी में देशभर से 12 से 15 हजार रोवर-रेंजरों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें से करीब 5,500 प्रतिभागी पहले ही पहुंच चुके हैं।

