दिल्ली। महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे की जांच में अहम प्रगति हुई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने दुर्घटनाग्रस्त विमान का डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) सफलतापूर्वक बरामद कर उसका डेटा डाउनलोड कर लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि हादसे के बाद भीषण आग और तेज गर्मी के कारण ब्लैक बॉक्स को नुकसान पहुंचा था, बावजूद इसके एक रिकॉर्डर से महत्वपूर्ण तकनीकी डेटा सुरक्षित निकाल लिया गया है।
मंत्रालय के अनुसार, विमान में लगे दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डरों में से एक DFDR का डेटा फ्लाइट रिकॉर्डर लेबोरेटरी में सफलतापूर्वक डाउनलोड किया गया। यह रिकॉर्डर L3-कम्युनिकेशंस कंपनी द्वारा निर्मित है। वहीं, अमेरिकी कंपनी हनीवेल द्वारा बनाए गए कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) की गहन तकनीकी जांच जारी है। CVR का डेटा रिकवर करने के लिए कंपनी से विशेष तकनीकी सहायता मांगी गई है, ताकि पायलटों की बातचीत और हादसे से जुड़े अहम संकेतों का विश्लेषण किया जा सके।
इस बीच ब्लैक बॉक्स के जलने को लेकर सियासत भी तेज हो गई है। एनसीपी (शरद गुट) के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि ब्लैक बॉक्स भीषण आग और धमाकों से सुरक्षित रह सकता है, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति से नहीं। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
गौरतलब है कि 28 जनवरी की सुबह पुणे जिले के बारामती में VSR वेंचर्स कंपनी का लेयरजेट-45 विमान क्रैश हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित कुल पांच लोगों की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स अत्यधिक तापमान और दबाव सहने में सक्षम होता है, इसलिए उसका पूरी तरह नष्ट होना असंभव है।
इधर, अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने बेटे पार्थ पवार और एनसीपी नेताओं के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर CBI जांच की मांग की है। DGCA ने भी स्पष्ट किया है कि AAIB नियमों और अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत निष्पक्ष जांच कर रहा है और जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट साझा की जाएगी।

