दिल्ली। मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के 227 वार्डों के चुनाव परिणाम पूरी तरह घोषित हो गए हैं। इन चुनावों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के गठबंधन महायुति ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। 227 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 114 है, जबकि महायुति ने कुल 118 वार्डों में जीत दर्ज कर बीएमसी पर नियंत्रण पा लिया है।
पार्टीवार नतीजों की बात करें तो भाजपा ने 89 वार्ड जीतकर इतिहास रच दिया। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे-यूबीटी) को 65 सीटें मिलीं और वह विपक्ष की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) ने 29 वार्डों में जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस को 24 सीटें मिलीं। हैरान करने वाला नतीजा यह रहा कि राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) सिर्फ 6 वार्डों तक सिमट गई और वह ओवैसी की एआईएमआईएम (8 सीटें) से भी पीछे रह गई।
अन्य दलों में एनसीपी को 3, समाजवादी पार्टी को 2 और एनसीपी (एसपी) को 1 सीट मिली। ये चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहली बार हुए थे, इसलिए राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माने जा रहे थे। माना जा रहा है कि यह परिणाम बीएमसी पर करीब 25 वर्षों से चले आ रहे ठाकरे परिवार के प्रभुत्व के अंत की घोषणा है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास की नीतियों की जीत बताया। वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि मुंबई की जनता ने भावनात्मक राजनीति को नकारते हुए विकास के एजेंडे पर मुहर लगाई है। बीएमसी देश की सबसे अमीर नगरपालिका है, जिसका बजट 74,000 करोड़ रुपए से अधिक है। अब सभी की नजरें नए मेयर और स्थायी समिति के गठन पर टिकी हैं, जहां महायुति का पूर्ण नियंत्रण होगा।

