दिल्ली। भारत में 2023 से बेचे जा रहे रैबीज के नकली टीके को लेकर ऑस्ट्रेलिया ने चेतावनी जारी की है।
ऑस्ट्रेलियाई तकनीकी सलाहकार समूह (ATAGI) ने इंडियन इम्यूनोलाजिकल्स लिमिटेड (IIL) द्वारा निर्मित एंटीरैबीजवैक्सीन अभयराब (R) की नकली खुराकों के बारे में जानकारी दी। चेतावनी में नकली और पंजीकृत टीकों के फार्मूलेशन, पैकेजिंग, लेबलिंग और निर्माण में पाए गए अंतर को बताया गया। ATAGI ने कहा कि जिन लोगों को नकली टीका लगाया गया है, वे रैबीज से पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकते और उन्हें एहतियात के तौर पर नई खुराक लेने की सलाह दी गई।
इंडियन इम्यूनोलाजिकल्स लिमिटेड ने इस मामले में स्पष्टीकरण देते हुए ऑस्ट्रेलियाई चेतावनी को अत्यधिक सतर्कतापूर्ण और अनुचित करार दिया। कंपनी ने बताया कि जनवरी 2025 में उन्होंने बैच केए 24014 में गड़बड़ी पाई थी और तुरंत भारतीय नियामकों एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किया।
उन्होंने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और अधिकारियों के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की। IIL ने स्पष्ट किया कि यह एक अलग घटना थी और उक्त नकली बैच अब बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
कंपनी ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से अपनी सलाह पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि इससे स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है और टीकों पर जनता का विश्वास कम हो सकता है। इस मामले ने टीका सुरक्षा और नियामकीय निगरानी की आवश्यकता पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टीके के खरीद और उपयोग में हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ही सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से बचा जा सके। यह मामला न केवल सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, बल्कि टीका सुरक्षा के महत्व और जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता को उजागर करता है।

