दंतेवाड़ा मोतियाबिंद सर्जरी कांड: 11 मरीजों की आंखों में इंफेक्शन, दो की आईबॉल बाहर आने का खतरा

दंतेवाड़ा मोतियाबिंद सर्जरी कांड में रविवार को दंतेवाड़ा से एक और मरीज को अंबेडकर अस्पताल लाया गया। उसकी आंख में इंफेक्शन काफी फैल चुका है। उसके बाद मरीज को रायपुर रिफर किया गया। अब दो मरीज ऐसे हो गए हैं, जिनकी आंखों में इंफेक्शन बढ़ने से पेन ऑप्थलमाइटिस का खतरा है। यानी इनकी आंख के गोले गलकर बाहर आ सकते हैं।

7 मरीज ऐसे हैं, जिनकी आंखों का इंफेक्शन दूर करने विक्टक्टॉमी की गई, लेकिन डॉक्टर अभी ये दावा नहीं कर रहे हैं कि उनकी आंखों की रौशनी लौटेगी या नहीं। अब तक 11 लोगों को संक्रमण फैल चुका है। भास्कर टीम ने रविवार को मरीजों से बात की। हालांकि ज्यादातर मरीज हिंदी न बोल पाते हैं और न ही समझ पा रहे हैं। उनके साथ आए कुछ परिजनों ने जैसे तैसे बताया कि सुबह पट्‌टी की गई है।

मरीज ने बताया कि उन्हें देखने में परेशानी आ रही है। - Dainik Bhaskar

उस दौरान आंख खोलकर देखा, लेकिन धुंधला… धुंधला दिखाई दे रहा है। एक मरीज ने तो कहा उसे कुछ भी नहीं दिखा। डाक्टर को बताया तो जल्दी से पट्‌टी कर दी। इधर, अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक डा. संतोष सोनकर ने बताया कि मरीजों की आंखों की पट्‌टी खुलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मरीजों को अभी भी अलग वार्ड में रखा गया है।

एक मरीज की स्थिति बिगड़ने पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज की उम्र ज्यादा है। इस वजह से उन्हें अलग-अलग तरह की तकलीफ शुरू हो गई है। सभी तरह का इलाज मिल सके इसलिए आईसीयू में रखा गया है। सरकार को सौंपेंगे रिपोर्ट: डॉ. ग्वाले : रायपुर से जांच करने पहुंची टीम की सदस्य डॉ. निधि ग्वाले ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। इसमें किससे लापरवाही हुई है, उसकी भी जवाबदारी तय की जा रही है। जांच के बाद सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

कांग्रेस ने जांच कमेटी बनाई।

कांग्रेस ने बनाया जांच दल

वहीं, कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। वहीं, पीसीसी चीफ दीपक बैज ने 6 सदस्यीय दल गठित किया है। जांच समिति में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, देवती कर्मा, विमल सुरना, दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष अवधेश गौतम को शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री ने की मरीजों से मुलाकात।

रायपुर-जगदलपुर के विशेषज्ञों की टीम ने दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर की जांच की

जिला अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन में हुई गड़बड़ी के उजागर होने के बाद रविवार को रायपुर से डॉक्टरों की टीम ऑपरेशन थिएटर की जांच के लिए पहुंची। इस दौरान डॉ. सुशीला सचदेव, डॉ. निधि ग्वाले व जगदलपुर मेडिकल कॉलेज से डॉ. सरिता थॉमस ने ऑपरेशन थियेटर से सैंपल जुटाए और सभी बिंदुओं पर जांच की।

मरीजों के ऑपरेशन से पहले शुगर टेस्ट सहित जरूरी जांच रिपोर्ट भी देखा। बता दें कि कुछ दिनों पहले ओडिशा से एक गंभीर मरीज का ऑपरेशन भी इसी ऑपरेशन थिएटर में किया था। उसके गुप्तांग के पास चीरा लगाया था, जो बुरी तरह संक्रमित हो चुका था और कीड़े भी लग चुके थे। अंदेशा जताया जा रहा है कि इसके बाद से ही इस ऑपरेशन थिएटर का स्टरलाइजेशन नहीं करने से संक्रमण फैला हो।

इन मरीजों को परेशानी

दंतेवाड़ा मोतियाबिंद कांड पर सरकार का एक्शन

दंतेवाड़ा मोतियाबिंद सर्जरी कांड में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. गीता नेताम, नेत्र सहायक अधिकारी दिप्ती टोप्पो और ऑपरेशन थियेटर प्रभारी स्टाफ नर्स ममता वैदे को सस्पेंड कर दिया गया है। दंतेवाड़ा में मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद 11 मरीजों की आंख में संक्रमण हो गया है। इन मरीजों की दोबारा सर्जरी करने के बाद स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने एक टीम जांच के लिए दंतेवाड़ा भेजी। रविवार को प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने नेत्र सहायक समेत एक नर्स को निलंबित करने का आदेश जारी किया। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री मरीजों की स्थिति जानने अंबेडकर अस्पताल पहुंचे। इसके साथ ही आईसीयू जाकर गंभीर हो चुके ग्रामीण के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

क्या था आंखफोड़वा कांड

प्रदेश में 22 सितंबर 2011 को सरकारी लापरवाही के चलते 50 से ज्यादा लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी। प्रदेश के 2 सरकारी शिविरों में मोतियाबिंद ऑपरेशन किया गया था। बालोद, बागबाहरा और राजनांदगांव-कवर्धा में लोग इसके शिकार हुए। इस मामले में दुर्ग सीएमओ समेत बालोद बीएमओ, तीन नेत्र सर्जन सस्पेंड हुए थे। इसे अंखफोड़वा कांड भी कहा गया।

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