पालघर। महाराष्ट्र के पालघर जिले के वाडा तालुका स्थित एक निजी मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में रैगिंग से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि एक छात्रा ने अपनी सहपाठी छात्रा को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया। घटना सामने आने के बाद कॉलेज परिसर में तनाव फैल गया और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए कॉलेज में पुलिस बल तैनात किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार रात पोशेरी स्थित मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में हुई। नासिक की रहने वाली प्रथम वर्ष की फिजियोथेरेपी छात्रा ने शिकायत दर्ज कराई है कि छात्रावास की पांचवीं मंजिल पर एक नकाबपोश लड़की ने उसे रोका और उस पर नमाज पढ़ने का दबाव बनाया। प्रारंभिक जांच में मामला रैगिंग से जुड़ा होने की आशंका जताई जा रही है।
पीड़िता ने अगली सुबह अपने परिवार को घटना की जानकारी दी। परिवार का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन से संपर्क करने के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने विश्व हिंदू परिषद से संपर्क किया। मामला तूल पकड़ने के बाद कॉलेज परिसर में विरोध शुरू हो गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छात्रावास की वार्डन और एक शिक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं, पुलिस ने सोमवार रात इस मामले में एफआईआर दर्ज की। पालघर के पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख ने कॉलेज परिसर का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र रैगिंग निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा और रैगिंग पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

