जम्मू-कश्मीर। सांबा, राजौरी और पुंछ में रविवार शाम पाकिस्तान से लगी सीमा और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास पांच ड्रोन देखे गए। राजौरी के नौशेरा सेक्टर में तैनात जवानों ने शाम करीब 6.35 बजे गनिया-कलसियां गांव के ऊपर ड्रोन देखा, जिस पर मीडियम और लाइट मशीन गन से फायरिंग की गई। राजौरी के तेरियाथ के खब्बर गांव में एक और ड्रोन देखा गया जो कलाकोट के धर्मसाल गांव की तरफ से आगे भरख की ओर बढ़ा।
सांबा के रामगढ़ सेक्टर में चक बबरल गांव के ऊपर शाम 7.15 बजे ड्रोन जैसी चीज मंडराती दिखाई दी। पुंछ के मनकोट सेक्टर में भी शाम 6.25 बजे तैन से टोपा की ओर ड्रोन देखा गया। ड्रोन की हलचल के बाद सुरक्षा बलों ने फॉरवर्ड इलाकों में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
इससे पहले 9 जनवरी को सांबा में IB के पास घगवाल के पालूरा गांव में पाकिस्तान से आए ड्रोन द्वारा हथियार की खेप मिली थी। इसमें दो पिस्तौल, तीन मैगजीन, 16 राउंड और एक ग्रेनेड शामिल था। यह हथियार पीले टेप में लपेटकर गिराए गए थे। सुरक्षा एजेंसियों का शक है कि ड्रोन का इस्तेमाल सीमा पर सेना की पोजीशन जानने या आतंकियों के लिए हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा है।
सेना ने इस पर काउंटर ऑपरेशन शुरू कर रखा है। यह ऑपरेशन पिछले साल मई में शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा हुआ है। ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को पाकिस्तान और PoK में आतंकवादी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक के लिए किया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
हाल ही में CDS अनिल चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी सक्रिय है और पाकिस्तान किसी भी आतंकी हमला या घुसपैठ की कोशिश करेगा तो इसे तुरंत दोबारा सक्रिय कर दिया जाएगा। सेना फॉरवर्ड इलाकों में ड्रोन की खोज और निगरानी जारी रखे हुए है।

