गरियाबंद। गरियाबंद जिले के मैनपुर ब्लॉक में 2 जनवरी को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसमें दो महिलाओं ने मिलकर 37 वर्षीय सुमित्रा नेताम की बेरहमी से हत्या कर दी।
आरोप है कि सुमित्रा झोपड़ी में अकेली रहती थी और मजदूरी करती थी। उसने दोनों महिलाओं का नाम अन्य पुरुषों से जोड़कर गांव में अफवाहें फैलायी थीं, जिससे दोनों नाराज हो गईं और हत्या की योजना बनाई।
वारदात के दिन, आरोपित महिलाएं सुमित्रा के झोपड़ी पर पहुंचीं। विवाद के बाद उन्होंने सुमित्रा के हाथ-पैर बांधकर प्राइवेट पार्ट में लाल मिर्च पाउडर डाला।
घायल महिला खुद को बचाने के लिए चीखती रही, लेकिन झोपड़ी आबादी से दूर होने के कारण मदद नहीं मिल पाई। इसके बाद आरोपियों ने सुमित्रा के सीने पर चढ़कर डंडों, लात-घूंसों और पिटाई से उसे गंभीर रूप से घायल किया। गंभीर चोटों और अत्यधिक पीटाई के कारण महिला की हृदय गति रुक गई और उसकी मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपियों ने झोपड़ी में आग लगा दी और मौके से भाग निकले। घटना की जानकारी पहले ग्रामीणों तक ही रही, जिन्हें मामले को दबाने की कोशिश की गई।
लेकिन 3 जनवरी को पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेजा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हार्ट बीट रुकने से मौत होना दर्ज किया गया।
सुमित्रा के पति हैदराबाद में थे और शव सुपुर्द करने आए नहीं। मृतका का अंतिम संस्कार गांव में किया गया। पुलिस ने सुगतिन नेताम (36) और ईतवारिन बाई (46) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें दोनों ने जुर्म स्वीकार किया।
उन्होंने बताया कि वे सुमित्रा के अपमानजनक व्यवहार और अफवाहें फैलाने के कारण उसे मारने पर उतारू हुईं।
थाना प्रभारी नकुल सिदार ने बताया कि दोनों आरोपी महिलाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और हत्या में प्रयुक्त डंडों समेत अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। घटना ने क्षेत्र में सुरक्षा और सामाजिक व्यवहार पर चिंता बढ़ा दी है।

