रायपुर। मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी की ग्राम पंचायत करमरी में सोमवार को वीबी-जी राम जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन) के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने मानव श्रृंखला बनाकर ‘आत्मनिर्भर गांव – विकसित भारत’ का संदेश दिया। कार्यक्रम में ग्रामीणों का उत्साह और सामुदायिक सहभागिता साफ झलक रही थी।
कार्यक्रम में कन्वर्जेंस आधारित आजीविका डबरियों जैसे कृषि और मछली तालाब निर्माण कार्यों का अवलोकन किया गया। यह कार्य कृषि, उद्यानिकी, सीआरईडीए और वन विभाग के सहयोग से संचालित हो रहा है। इन डबरियों से मछली पालन, सिंचाई सुविधा, दलहन-तिलहन की खेती और उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इससे आदिवासी और सीमांत किसानों को स्थायी आजीविका, खाद्य सुरक्षा और अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने योजना के उद्देश्यों, स्थानीय रोजगार सृजन और कन्वर्जेंस मॉडल की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर सक्रिय सहभागिता, पारदर्शिता और सामुदायिक स्वामित्व के बिना किसी भी योजना की सफलता संभव नहीं है।
कार्यक्रम में हितग्राही विनोद कुमार और दलपत साई मेहरू राम को मछली जाल वितरित किया गया, जिससे मछली पालन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और ग्रामीणों में स्वरोजगार के प्रति उत्साह बढ़ेगा। हितग्राहियों ने बताया कि योजना से वे मछली पालन के साथ-साथ दलहन-तिलहन की खेती भी करेंगे, जिससे उनकी आय और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर, जनप्रतिनिधि दिलीप वर्मा, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने करमरी के इस कार्यक्रम की सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रशंसा की और कार्यक्रम के फोटोग्राफ और वीडियो साझा किए। ग्रामीणों ने इस पहल को आदिवासी बहुल, कृषि-आधारित जिले के लिए आत्मनिर्भरता और सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

