छत्तीसगढ़ के भिलाई थाने में मोबाइल दुकान संचालक के खाते से ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए 1 करोड़ 20 लाख की ठगी हुई है। नेवाई पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो शिकायतकर्ता न्यायालय पहुंचा। न्यायालय ने नेवई पुलिस को ठगी का मामला दर्ज करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता रविशंकर सिंह ने बताया कि रमेश कुमार मारकंडे की नेवई में मोबाइल की दुकान है। दिसंबर 2023 में उसके भतीजे का दोस्त विकास चंद्राकर उसकी दुकान में अपना मोबाइल बनवाने के लिए आया था। उसने रमेश से एक मोबाइल चलाने के लिए स्टैंड बाई के रूप में मांगा। दुकान में ग्राहक होने से रमेश ने उसे जो मोबाइल चलाने के लिए दिया, उसमें से सिम निकाला भूल गया, जो सिम उस मोबाइल में लगा था उसी से वो अपने करंट अकाउंट का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी करता था।

पैसा ट्रांसफर होते ही आया फोन
विकास ने उसका फायदा उठाया और 13 दिसंबर 2023 को रमेश के खाते से चार-पांच घंटे के भीतर ही एक करोड़ 20 लाख रुपए पार कर दिया। इतनी बड़ी रकम कुछ ही देर में निकलने पर बैंक से रमेश के पास फोन आया। रमेश को जब पता चला तो उसके होश उड़ गए। बैंक ने कहा कि आप बैंक में आकर संपर्क करें।
इस पर रमेश ने तुरंत अपने भतीजे को बैंक भेजा। बैंक जाने पर पता चला कि उसी के दोस्त विकास चंद्राकर ने खाते से लिंक सिम और मोबाइल पाकर 1 करोड़ 20 लाख रुपए पार कर दिया।
पैसे लेकर चला गया बैंगलुरु
जब रमेश ने विकास चंद्राकर को फोन लगाया और पूछा कि जो मोबाइल वो ले गया है, उसमें उसका सिम लगा था। उसने उसके खाते से ऑनलाइन 1 करोड़ 20 लाख रुपए निकाला है। इस पर विकास ने उन्हें कहा कि वह इस समय बेंगलुरु में है। वापस आने पर उससे मिलेगा। बाद में उसने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया और बेंगलुरु से वापस नहीं आया।
इस पर परेशान होकर रमेश ने अधिवक्ता रविशंकर सिंह के माध्यम से न्यायालय में आवेदन लगाया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग शिवानी सिंह की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए नेवई पुलिस को आदेश दिया कि वो आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करे।