दिल्ली। उन्नाव दुष्कर्म कांड की पीड़िता ने अपनी सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताते हुए सोमवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक आवेदन सौंपा है। पीड़िता का कहना है कि उसकी पहचान उजागर करने की साजिश चल रही है और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी निजी तस्वीरें और पोस्ट फेसबुक व इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाए जा रहे हैं, ताकि उनकी पहचान सार्वजनिक हो और उन्हें डराया जा सके।
पीड़िता ने बताया कि वह सीबीआई के निदेशक और आईजी से मिली हैं। अधिकारियों ने उनका आवेदन स्वीकार करते हुए मामले को गंभीरता से लेने और जांच का आश्वासन दिया है। पीड़िता का कहना है कि उनका मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, लेकिन कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थक सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें निकालकर अपने-अपने अकाउंट पर डाल रहे हैं, जिससे उनकी निजता भंग हो रही है।
‘अब जीवनभर खतरा रहेगा’
आवेदन में पीड़िता ने लिखा है कि इस हरकत से न सिर्फ उन्हें बल्कि उनके पूरे परिवार को खतरा है। उन्होंने कहा, “अब मुझे जीवन भर डर के साए में रहना होगा। मेरे बच्चों को नुकसान पहुंच सकता है। मेरा पूरा परिवार खतरे में है।” पीड़िता ने हाथ जोड़कर गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री से अपील की है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते इन अकाउंट्स और लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनके जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने सीबीआई से ऐसे सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जो उनकी पहचान उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं।
मां ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जताया भरोसा
इधर, पीड़िता की मां ने 2017 के उन्नाव दुष्कर्म मामले में निष्कासित भाजपा नेता कुलदीप सिंह सेंगर की आजीवन कारावास की सजा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर आभार जताया है। उन्होंने कहा कि अदालत से उन्हें न्याय की उम्मीद है और वह अपनी बेटी के लिए पूरी लड़ाई जारी रखेंगी। पीड़िता और उसके परिवार ने एक बार फिर सरकार और जांच एजेंसियों से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

