वायनाड सांसद प्रियंका गांधी के नेतृत्व में बुधवार को केरल के सांसदों का डेलिगेशन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला। मुलाकात के दौरान केंद्र की ओर से वायनाड में लैंडस्लाइड से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए 2 हजार करोड़ रुपए का फंड रिलीज करने की मांग की गई।
संसद भवन में 10 मिनट तक चली इस मीटिंग के बाद प्रियंका ने बताया कि उन्होंने शाह से कहा- राजनीति को परे रखकर वायनाड के लोगों को राहत पहुंचानी चाहिए। PM भी वायनाड गए थे, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। प्रियंका ने कहा- हमने गृह मंत्री को वायनाड की स्थिति के बारे में बताया है। वहां के लोग पूरी तरह से बर्बाद हो गए हैं। उनके पास कोई सपोर्ट सिस्टम नहीं बचा है।
लोगों के घर, बिजनेस, स्कूल सब कुछ बह गया है। वहां लोगों की जितनी मदद की जाए, वो करनी चाहिए। वायनाड में प्रभावित लोगों के लिए सब कुछ बर्बाद हो गया है। ऐसे में अगर केंद्र सरकार कुछ नहीं करती है तो हम क्या कर सकते हैं? दरअसल, वायनाड में 29 जुलाई की रात करीब 2 बजे और 4 बजे के बीच मुंडक्कई, चूरलमाला, अट्टामाला और नूलपुझा गांवों में लैंडस्लाइड हुई थीं। इसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी।
प्रियंका ने शाह से कहा- लोगों का दर्द पहचानें
- मैंने शाह से कहा है कि हमें राजनीति से ऊपर उठकर इन लोगों के दर्द को पहचानना चाहिए, क्योंकि उनका दर्द बहुत बड़ा है। इस पर बहुत गंभीरता से विचार करने की जरूरत है।
- प्रधानमंत्री मोदी भी वायनाड गए थे और पीड़ितों से मिले थे, लेकिन जब मैं पीड़ितों से मिली तो उनके बीच उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री कुछ करेंगे। हालांकि, पीएम ने अब तक कोई मदद नहीं की है।
- हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों को राहत देने के लिए आगे आए, ताकि ये लोग अपना जीवन फिर से शुरू कर सकें।
- वायनाड के प्रभावित लोग केंद्र सरकार की ओर बड़ी उम्मीद से देख रहे हैं। वे चाहते हैं कि उनकी बिखरी हुई जिंदगी फिर से पटरी पर आ जए।
- वायनाड में लैंडस्लाड से प्रभावित लोगों के तत्काल पुनर्वास की जरूरत है। इस त्रासदी के पीड़ित सम्मान के साथ अपनी जिंदगी फिर से शुरू करना चाहते हैं।
राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से केंद्र पहले ही इनकार कर चुका
केंद्र सरकार वायनाड लैंडस्लाइड को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने से पहले ही इनकार कर चुकी है। दरअसल, लैंडस्लाइड के बाद अगस्त में राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर वायनाड लैंडस्लाइड को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की थी। 10 नवंबर को गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल सरकार को लेटर लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि SDRF-NDRF के मौजूदा दिशा-निर्देशों के तहत किसी भी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने का कोई प्रावधान नहीं है।