दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे देश की सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में भारत विरोधी ताकतों से मिलते हैं और नक्सलियों, उग्रवादियों तथा जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से संपर्क रखते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों से संबंध रखना राष्ट्रहित के खिलाफ है और इससे देश की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
रिजिजू ने कांग्रेस पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का मुख्य काम सिर्फ हंगामा करना रह गया है। कांग्रेस यह दावा करती है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता, लेकिन जैसे ही राहुल गांधी सदन में प्रवेश करते हैं, नारेबाजी, बैनर लहराने और शोर-शराबा शुरू हो जाता है। इससे संसद की गरिमा प्रभावित होती है और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा नहीं हो पाती।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और डीएमके जैसी विपक्षी पार्टियों के साथ सरकार संवाद कर सकती है, लेकिन राहुल गांधी के व्यवहार के कारण छोटी विपक्षी पार्टियों और सांसदों को बोलने का अवसर नहीं मिल पाता। इससे वे अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे सदन में नहीं उठा पाते।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर रिजिजू ने कहा कि स्पीकर का दायित्व सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना और सभी को बोलने का मौका देना है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों ने स्पीकर के कक्ष में घुसकर अनुचित व्यवहार किया। इसके बावजूद स्पीकर ने संयम और धैर्य का परिचय दिया। रिजिजू ने कहा कि यदि उस समय कोई और सख्त स्पीकर होते तो कई सांसदों को निलंबित किया जा सकता था।
गौरतलब है कि 11 फरवरी को भाजपा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर स्पीकर के कक्ष में बदसलूकी का आरोप लगाया था। इसके बाद विपक्ष ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया, जिस पर 9 मार्च को चर्चा होने की संभावना है। इस घटनाक्रम से संसद की राजनीति और अधिक गरमा गई है।

