मुंबई। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने आगामी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर दादर स्थित शिवतीर्थ मैदान में रविवार को पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मराठी एकता का आह्वान करते हुए तीखा बयान दिया। राज ठाकरे ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाले लोग महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को थोपने की कोशिश न करें। उन्होंने कहा, “मुझे किसी भाषा से नफरत नहीं है, लेकिन अगर कोई जबरन हिंदी थोपेगा तो मैं उसे लात मारूंगा।”
राज ठाकरे ने दावा किया कि महाराष्ट्र की भाषा, जमीन और पहचान खतरे में है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें आज भी इस बात से नाराज हैं कि मुंबई गुजरात के बजाय महाराष्ट्र को मिली। उनका आरोप था कि अडाणी ग्रुप के जरिए मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के लगभग हर बड़े प्रोजेक्ट में अडाणी समूह की भागीदारी बढ़ रही है, जो महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ है।
इसी मंच पर शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि मराठी मानुष के हित में उन्होंने अपने पुराने मतभेद भुला दिए हैं। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह हर चुनाव से पहले हिंदू-मुस्लिम और मराठी-गैर मराठी का मुद्दा उठाकर लोगों को बांटने की राजनीति करती है। उद्धव ठाकरे ने कहा, “भाजपा हमें इसलिए नहीं चाहती, क्योंकि हम उन्हें मुंबई हड़पने नहीं देंगे।”
उद्धव ठाकरे ने महायुति सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना ने 25 साल में मुंबई को संवारा, लेकिन महायुति ने तीन साल में शहर को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई को खून बहाकर हासिल किया गया है और इसे बचाने के लिए संघर्ष करना हमारा कर्तव्य है।
उन्होंने देवेंद्र फडणवीस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी तंज कसते हुए कहा कि भाजपा का हिंदुत्व और राष्ट्रवाद अब ‘नेशन फर्स्ट’ नहीं, बल्कि ‘करप्शन फर्स्ट’ बन चुका है।

