निरसा (धनबाद)। सनातन घर वापसी फाउंडेशन ने गुरुवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि वह देशभर में मुसलमानों की “घर वापसी” को लेकर अभियान चला रहा है और आने वाले समय में इसके व्यापक परिणाम देखने को मिलेंगे। संगठन ने यह भी कहा कि इस दिशा में काम करते हुए हिंदू लीगल सेल का गठन किया जा रहा है, जिससे लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
यह बातें रामकृष्ण मठ देवघर से जुड़े स्वामी उदय जी महाराज ने उपचुरिया गांव स्थित बजरंगबली मंदिर के वार्षिकोत्सव पर आयोजित हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन उन लोगों को संरक्षण प्रदान कर रहा है, जो स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन कर चुके हैं या करना चाहते हैं। उनके अनुसार, अब तक सैकड़ों लोग इस प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं।
स्वामी उदय महाराज ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों में स्वयं को राजपूत मुसलमान बताने वाले लोग घर वापसी के लिए संपर्क में हैं और इस संबंध में बातचीत चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मुस्लिम महिलाएं कथित सामाजिक दबावों से परेशान हैं और यदि उन्हें सुरक्षा और मार्गदर्शन मिले तो वे आगे आने को तैयार हैं।
सम्मेलन में यह भी कहा गया कि युवाओं को विभिन्न तरीकों से प्रभावित किया जा रहा है और समाज को इस विषय पर जागरूक रहने की आवश्यकता है। स्वामी उदय महाराज ने यह भी बताया कि वर्ष 2019 में हलाल कारोबार से जुड़ा बड़ा आर्थिक आंकड़ा सामने आया था, जिसकी जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंच पाई।
कार्यक्रम में तरुण हिंदू के संस्थापक डॉ. नील माधव दास ने कहा कि हिंदू समाज को अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए संगठित होना होगा। उन्होंने कहा कि किसी एक राजनीतिक दल पर निर्भर रहने के बजाय समाज को स्वयं जागरूक बनना चाहिए। उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए वहां हिंदू आबादी में आई कमी का भी उल्लेख किया।
इस दौरान बताया गया कि रांची, देवघर सहित कई जिलों में हिंदू लीगल सेल का गठन हो चुका है, जहां जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

