रायपुर। छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की लापरवाही का खामियाजा आज उजाला ग्राम संगठन की दीदियां भुगत रही हैं। दिवाली 2022 पर मुख्यमंत्री निवास से छेरीखेड़ी स्थित मल्टी यूटिलिटी सेंटर को 5 हजार गिफ्ट हैंपर का मौखिक ऑर्डर दिया गया था। इस आदेश को मानते हुए दीदियों ने बाजार से उधार सामग्रियाँ लेकर और क्लस्टर एवं बैंक से लगभग 45 लाख रुपए का कर्ज लेकर तीन तरह के गिफ्ट हैंपर तैयार किए, जिनकी कीमत लगभग 1.20 करोड़ रुपए थी।
दीदियों ने मुख्यमंत्री आवास में तय समय पर हैंपर पहुंचा दिए, जिन्हें दिल्ली सहित देशभर के अफसरों और नेताओं को भेजा गया। लेकिन आज दो साल बाद भी भुगतान नहीं हुआ है। समूह की दीदियों मोहनी डहरिया, परमेश्वरी पाल, श्वेता जांगड़े, विजयलक्ष्मी और दामिनी विश्वकर्मा सहित अन्य ने कई बार मंत्रालय में चक्कर लगाए, पर नतीजा सिर्फ आश्वासन रहा।
इस लापरवाही का असर यह हुआ कि समूह को ‘करप्ट’ घोषित कर आगे कर्ज देना बंद कर दिया गया। बैंक ऑफ बड़ौदा का लोन खाते से हर महीने खुद-ब-खुद कट रहा है और पैसा न होने पर बैंक अधिकारी घर तक आ जाते हैं। पेमेंट में देरी पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है।
गिफ्ट में नारियल तेल, मुनगा पाउडर, हर्बल चाय, शहद, अपराजिता फूल, गोबर के दीये, छत्तीसगढ़ी व्यंजन जैसी देसी चीजें थीं। सरकार बदलने और मिशन संचालक बदलने के बाद भी भुगतान नहीं हुआ। पूर्व संचालक अवनीश शरण ने कहा कि मामला पुराना है और याद नहीं, वहीं वर्तमान मिशन संचालक जयश्री जैन ने कहा कि जांच के बाद ही कुछ कह सकेंगी।