दिल्ली। अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज ने दूसरी बार माफी मांगी है। पहली बार माफी के वीडियो में युवक ने हाथ जेब में डाल रखे थे, जिससे सिख समुदाय को उसका तरीका असम्मानजनक लगा और वह संतुष्ट नहीं हुए। दूसरी बार जारी वीडियो में रंगरीज ने हाथ जोड़कर विनम्रता के साथ माफी मांगी।
युवक ने कहा कि उसे सरोवर की मर्यादा का पता नहीं था। उसने अपील की, “भाई-बेटा समझकर माफ कर दो।” वीडियो में वह दिल से सॉरी भी लिखता दिखाई दिया। रंगरीज ने बताया कि गलती भूलवश हुई और उनका मकसद किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था।
इससे पहले सोशल मीडिया पर सुब्हान ने दो वीडियो शेयर किए थे। पहले वीडियो में वह सरोवर में मुंह में पानी लेकर वहीं थूकता दिखाई दिया। दूसरे वीडियो में उसने गोल्डन टेंपल में टोपी पहनकर कहा कि वहां सभी भाई-भाई हैं और सभी धर्म एकजुट हैं। वीडियो बनाने का उनका उद्देश्य केवल रील बनाना था, लेकिन इससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।
SGPC ने युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की। रंगरीज ने बताया कि सरोवर में वजू करते समय पानी गलती से गिर गया। वह सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और अपने आप को जिम ट्रेनर बताते हैं।
पहली माफी की प्रतिक्रिया नकारात्मक रहने के बाद, दूसरी माफी में युवक ने विनम्रता और पश्चाताप दिखाया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सिख समुदाय को इस बार तरीका स्वीकार्य लगा।
इस घटना ने धर्म और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता को उजागर किया, साथ ही यह दिखाया कि माफी मांगते समय व्यवहार और भावनाओं की अभिव्यक्ति भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है जितनी शब्दों की।

