जम्मू-कश्मीर में 6 घंटे में दो एनकाउंटर, दो आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच 6 घंटे के बीच दो बार एनकाउंटर हुआ। मंगलवार देर रात करीब 11.30 बजे कुपवाड़ा जिले के लोलाब वन क्षेत्र में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई। इसके बाद वहां सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

मंगलवार को ही बांदीपोरा के केटसुन फॉरेस्ट एरिया में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें एक आतंकवादी मारा गया था। सेना और सीआरपीएफ के एक-एक जवान घायल हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षाबलों को बांदीपोरा के चूंटपाथरी फॉरेस्ट में आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। जिसके बाद इलाके की घेराबंदी की गई और तलाशी अभियान शुरू किया गया था।

सुरक्षाबलों को चूंटपाथरी फॉरेस्ट में आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। - Dainik Bhaskar

सर्चिंग के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षाबलों पर गोलियां चलाईं, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई थी। सुरक्षाबलों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक आतंकी मारा गया। इलाके में एक और आतंकी के छिपे होने की आशंका है। उसके लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इससे पहले 2 नवंबर को भी श्रीनगर के खानयार में मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी मारा गया था। इस एनकाउंटर में चार जवान घायल हुए थे।

पिछले 5 दिन में चौथा एनकाउंटर

नवंबर महीने की शुरुआत में ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच श्रीनगर, बांदीपोरा और अनंतनाग में 3 एनकाउंटर हो चुके हैं। इनमें 4 जवान घायल हुए थे और 3 आतंकी मारे गए थे। 2 नवंबर को मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान जाहिद राशिद के रूप में हुई। वहीं दूसरा अरबाज अहमद मीर था। दोनों को पाकिस्तान से ट्रेनिंग मिली थी। बांदीपोरा में चौथा एनकाउंटर चल रहा है।

2 नवंबर को श्रीनगर में सेना ने टॉप लश्कर कमांडर उस्मान उर्फ छोटा वलीद को मार गिराया था।

आतंकियों का मददगार भी पकड़ा गया इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की 22आरआर और 92 बटालियन के साथ मिलकर आतंकवादियों के एक सहयोगी को भी गिरफ्तार किया। इसकी पहचान आशिक हुसैन वानी के रूप में हुई है, जो जम्मू-कश्मीर के सोपोर में तुजार शरीफ का रहने वाला है। पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्तौल, सात जिंदा राउंड और एक मैगजीन बरामद की है।

अक्टूबर में आतंकियों के 5 हमले
  • 28 अक्टूबर: अखनूर में 3 आतंकी ढेर हुए। LoC के पास आतंकियों ने आर्मी एंबुलेंस पर फायरिंग की थी। इसके बाद वे जंगल की ओर भाग गए थे। 5 घंटे तक चले एनकाउंटर में सेना का कोई जवान घायल नहीं हुआ।
  • 24 अक्टूबर: बारामूला में सेना की गाड़ी पर आतंकियों के हमले की जिम्मेदारी PAFF संगठन ने ली थी। पुलिस ने बताया था आतंकी हमला करके जंगल की ओर भाग गए थे। ​
  • 24 अक्टूबर: दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के बटगुंड में आंतकवादियों ने मजदूर पर गोलीबारी की। हमले में मजदूर घायल हो गया, जिसका इलाज चल रहा है।
  • 20 अक्टूबर: गांदरबल के सोनमर्ग में कश्मीर के डॉक्टर, MP के इंजीनियर और पंजाब-बिहार के 5 मजदूरों की जान गई थी। इसकी जिम्मेदारी लश्कर के संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली।
  • 16 अक्टूबर: शोपियां में आतंकियों ने गैर-स्थानीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमले के बाद इलाके में आतंकियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
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