बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा के बहाने धर्मांतरण कराने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए पास्टर रामकुमार केवट को गिरफ्तार किया। यह घटना मल्हार चौकी क्षेत्र के दबावपारा इलाके की है, जहां ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रार्थना सभा के नाम पर उन्हें भोजन और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रलोभन देकर धर्म बदलने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, प्रार्थना सभा के दौरान लगभग 30 से 35 महिला, पुरुष और बच्चे एकत्रित हुए थे। शिकायत में कहा गया कि ग्रामीणों को आकर्षित कर उनका धर्म बदलवाने की कोशिश की जा रही थी। यह मामला स्थानीय हिंदू संगठनों के संज्ञान में आया और उन्होंने तुरंत मल्हार थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मुलाहिजा मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पास्टर रामकुमार केवट को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि धर्मांतरण जैसी संवेदनशील गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की शिकायत पर तुरंत जांच की जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आगे की जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि प्रार्थना सभा के बहाने कितने लोगों को धर्मांतरण कराया गया और इसमें अन्य आरोपी शामिल तो नहीं हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून व्यवस्था के प्रति लोगों में विश्वास बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

