वक्फ बिल राज्यसभा से पास, राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद बनेगा कानून

दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल को 12 घंटे लंबी चर्चा के बाद राज्यसभा से मंजूरी मिल गई। बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। अब यह बिल राष्ट्रपति के पास जाएगा, और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक बड़ा सुधार बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून ट्रांसपेरेंसी बढ़ाएगा और मुस्लिम समुदाय के गरीब और पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वक्फ संपत्तियों में पिछले कई सालों से गड़बड़ी हो रही थी, जिससे खासतौर पर मुस्लिम महिलाओं और गरीबों को नुकसान हुआ है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस बिल को विपक्ष की चिंताओं के बिना सही नहीं बताया।

उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष ने बिल को स्वीकार नहीं किया, तो इसका मतलब है कि इसमें कुछ खामियां हैं। खड़गे ने यह भी कहा कि इस बिल के माध्यम से सरकार मुस्लिमों के अधिकारों पर हमला कर रही है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बिल ट्रांसपेरेंसी, अकाउंटेबिलिटी और एक्यूरेसी पर केंद्रित बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक व्यापक चर्चा के बाद तैयार किया गया है और यह सबकी राय से विकसित हुआ है। राज्यसभा में वक्फ बिल पर बहस के दौरान भाजपा और विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कुछ सांसदों ने इसे मुस्लिमों के अधिकारों के खिलाफ बताया, जबकि भाजपा ने इसे एक सुधारात्मक कदम बताया। अब इस बिल को लेकर राष्ट्रपति की स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है।

Share This News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *