दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर एक बाइक सवार युवक की मौत के मामले में प्रशासन ने कड़ा एक्शन लिया है।
पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। साथ ही जल बोर्ड ने लापरवाही के आरोप में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर को सस्पेंड कर दिया है। पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की भी घोषणा की गई है।
यह हादसा 5 फरवरी की देर रात हुआ, जब 25 वर्षीय कमल भयानी बाइक से घर लौट रहे थे। जनकपुरी में जल बोर्ड की निर्माण साइट पर खुले छोड़े गए गड्ढे में गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
6 फरवरी की सुबह पुलिस को सूचना मिली, जिसके बाद शव और बाइक को गड्ढे से बाहर निकाला गया। कमल कैलाशपुरी के रहने वाले थे और एक प्राइवेट बैंक के कॉल सेंटर में काम करते थे।
घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि हत्या है और इसकी जिम्मेदारी गैरजिम्मेदार सत्ता की है।
उन्होंने कहा कि असली कातिल सड़क नहीं, बल्कि जवाबदेही से भागने वाली सरकार है। मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जुड़वां भाई करण ने बताया कि वे रातभर कमल को ढूंढते रहे और 7-8 थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं मदद नहीं मिली। अगर समय पर खोजबीन होती तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस घटना की गहन जांच कराई जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने भाजपा सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायतों के बावजूद गड्ढे को सुरक्षित नहीं किया गया, जिससे यह दर्दनाक हादसा हुआ।

