दिल्ली। वैश्विक तनाव के बीच शेयर बाजार की तेजी पर अचानक ब्रेक लग गया। बुधवार को BSE Sensex और NSE Nifty 50 में जोरदार गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार की शुरुआत ही कमजोर रही और कुछ ही मिनटों में सेंसेक्स 755 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,500 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी करीब 200 अंक फिसल गया।
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच टकराव है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे दुनियाभर के बाजारों में डर का माहौल बन गया। अंतरराष्ट्रीय संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।
सबसे ज्यादा मार आईटी और टेक सेक्टर के शेयरों पर पड़ी। HCL Technologies का शेयर खुलते ही करीब 10% तक गिर गया। इसके अलावा Infosys, Tech Mahindra और Tata Consultancy Services के शेयरों में भी 2-3% तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार की इस गिरावट में बैंकिंग और मिडकैप शेयर भी अछूते नहीं रहे। ICICI Bank और Bharat Electronics Limited जैसे शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। वहीं मिडकैप कंपनियों में Coforge और Mphasis के शेयर भी फिसल गए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं और भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं हुआ, तो बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं और बाजार की दिशा वैश्विक घटनाक्रम पर निर्भर करती दिख रही है।

