दिल्ली का 75% हिस्सा हीट स्ट्रेस की चपेट में: LST रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, कई इलाकों के 90% क्षेत्र में अत्यधिक गर्मी

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दिल्ली। दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच एक नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। भू-सतह तापमान यानी लैंड सरफेस टेम्परेचर (LST) के आधार पर तैयार रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राजधानी का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा लगातार ‘हीट स्ट्रेस’ की चपेट में है। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के 98 प्रतिशत हिस्सों में किसी न किसी समय तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है।

सीएसई की रिपोर्ट के अनुसार राजधानी के घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके, अनियोजित कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। यहां हरियाली और जलाशयों की कमी के कारण सीमेंट-कंक्रीट की इमारतें दिनभर गर्मी सोखती हैं और रात में उसे छोड़ती रहती हैं। इससे ‘अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट’ तेजी से बढ़ रहा है।

रिपोर्ट में बुध विहार, किराड़ी सुलेमान नगर, प्रेम नगर, करावल नगर वेस्ट, महावीर एंक्लेव, शिव विहार और मुस्तफाबाद जैसे इलाकों को सबसे ज्यादा प्रभावित बताया गया है। इन क्षेत्रों के 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से में अत्यधिक गर्मी दर्ज की गई है।

वहीं कुछ इलाके अपेक्षाकृत राहत वाले भी पाए गए हैं। लुटियंस दिल्ली, दिल्ली कैंट और सिविल लाइंस में हरियाली और कम घनत्व वाली आबादी के कारण हीट स्ट्रेस कम दर्ज हुआ। इसके अलावा मॉडल टाउन, रोहिणी, वसंत विहार और हौज खास जैसे इलाकों में भी स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही।

विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में तेजी से घटते ग्रीन कवर और जलाशयों की वजह से गर्मी का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। CSE के प्रोग्राम डायरेक्टर रजनीश सरीन ने कहा कि शहर में हरियाली बढ़ाने, जलाशयों को बचाने और कम गर्मी अवशोषित करने वाली निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की जरूरत है, ताकि भविष्य में हीट स्ट्रेस के खतरे को कम किया जा सके।

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