बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एक बार फिर धर्मांतरण को लेकर विवाद सामने आया है। सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मोहरा में प्रार्थना सभा के दौरान प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता सुमित यादव ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 24 मई की सुबह उन्हें सूचना मिली थी कि ग्राम मोहरा में राम स्वरूप सूर्यवंशी के घर के आंगन में टीन शेड के नीचे प्रार्थना सभा आयोजित की जा रही है। आरोप है कि वहां ईसाई धर्म का प्रचार कर लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
सूचना मिलने पर शिकायतकर्ता अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचा। वहां राम स्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे मौजूद मिले। आरोप है कि सभा में शामिल लोगों को बेहतर सुविधाएं, अच्छे घर में शादी और मुफ्त इलाज जैसे लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए कहा जा रहा था।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सभा के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही गईं, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मौके पर बाइबल और नाश्ते की व्यवस्था भी बताई गई है।
शिकायत के आधार पर सीपत थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत FIR दर्ज कर ली है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

