दिल्ली। सिद्धारमैया का इस्तीफा मंजूर होने के बाद कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। राज्यपाल थावरचंद्र गहलोत ने बेंगलुरु लौटने के बाद सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। इसके 24 घंटे के भीतर ही सिद्धारमैया दिल्ली पहुंच गए, जहां उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मुलाकात की।
दिल्ली दौरे के दौरान सिद्धारमैया ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इस दौरान उनके बेटे यतींद्र सिद्धारमैया भी साथ मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया ने पार्टी हाईकमान को अपनी राजनीतिक ख्वाहिशों की सूची सौंपी और बेटे यतींद्र के लिए नई सरकार में बड़ा मंत्रालय मांगा।
बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई सरकार में यतींद्र सिद्धारमैया के लिए चिकित्सा शिक्षा, पिछड़ा वर्ग कल्याण, उद्योग या जल संसाधन जैसे अहम विभागों की मांग रखी है। इसके अलावा उन्होंने राज्यसभा और एमएलसी चुनावों के लिए भी अपनी पसंद के उम्मीदवारों के नाम राहुल गांधी को सौंपे।
सिद्धारमैया दिल्ली में करेंगे सक्रिय राजनीति
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, हाईकमान ने सिद्धारमैया को राज्यसभा भेजने और एआईसीसी में बड़ी जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव भी दिया है। हालांकि सिद्धारमैया ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी राष्ट्रीय राजनीति में कोई रुचि नहीं है और वे राज्यसभा नहीं जाना चाहते।
इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व उन्हें दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका देने की कोशिश कर रहा है। नई सरकार में तीन डिप्टी सीएम बनाए जाने की भी चर्चा है। इसमें एससी, एसटी और लिंगायत समुदाय से नेताओं को मौका दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

