लॉरेंस विश्नोई का करीबी अमन साव लाया गया रायपुर: रंगदारी वसूलने साव गैंग ने चलाई थी रायपुर के कारोबारी पर गोली, पुलिस लेगी हिरासत में

झारखंड जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर अमन साव को सोमवार रात आधी रात के वक्त कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच झारखंड से रायपुर लाया गया। उसे झारखंड के सरायकेला जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ और झारखंड की40 से अधिक सशस्त्र पुलिस बल की टीम मौजूद थी। अमन साव को रायपुर पहुंचने के बाद सीधे एसीसीयू के ऑफिस में रखा गया, जहां सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, उसे आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उसके खिलाफ चल रहे मामलों में पूछताछ की जा सके।

रायपुर-झारखंड पुलिस की संयुक्त टीम अमन साव को लेकर तड़के पहुंची। - Dainik Bhaskar

गैंगस्टर साव को प्रोडक्शन वारंट में रायपुर लाने कोर्ट से करीब चार बार प्रोडक्शन वारंट पुलिस हासिल कर चुकी है, लेकिन हर बार सुरक्षा और बल की कमी बताकर झारखंड पुलिस व स्थानीय जेल प्रशासन रायपुर पुलिस को खाली हाथ लौटाते आई है। इस बार कोर्ट ने अमन साव और उसके दो गुर्गे विक्रम सिंह और आकाश राय उर्फ मोनू के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। पुलिस अमन साव को लेकर रायपुर पहुंची है।

गोलीकांड मामले में पुलिस करेगी पूछताछ 

हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल अमन साहू को ही रायपुर लाया गया है। बाकी दोनों आरोपियों को भी जल्द लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा। अमन को कोर्ट में पेशकर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। उससे पीआरए ग्रुप के दफ्तर और कोयला कारोबारी के घर, कार्यालय की रेकी कर उसकी हत्या करने की साजिश के संबंध में पूछताछ की जाएगी।

पुलिस की गिरफ्तारी से पहले गैंगस्टर अमन साव हथियारों के साथ।

कौन है अमन साव

रिपोर्ट्स के अनुसार, गैंगस्टर अमन साव पहली बार 2019 में गिरफ्तार हुआ था। लेकिन 29 सितंबर 2019 को ही वह फरार हो गया। पुलिस ने उसे 3 साल बाद जुलाई 2022 में दोबारा गिरफ्तार किया। साव अभी झारखंड के गिरिडीह जेल में बंद है। बताया जाता है कि अमन साहू के गिरोह के पास एडवांस हथियार हैं जिसके दम पर वह अपने खौफनाक मंसूबों को अंजाम देते हैं।

झारखंड के कई जिलों में फैला है साव गैंग का नेटवर्क

अमन साव का नेटवर्क धनबाद, रांची, रामगढ़, चतरा, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, बोकारो जैसे झारखंड के तमाम जिलों में फैला हुआ है। साव के रडार पर कोल माइनिंग कंपनियां, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्ट फील्ड के बिजनेसमैन रहते हैं। साव इनको अपना टारगेट बनाकर इनसे रंगदारी की मांग करता है और जो उसकी बात नहीं मानता उसके गुर्गे उस पर गोली चलाकर अपनी बात मनवाते हैं।

अमन साव को रायपुर लाने में पांचवीं बार में सफलता मिली है।

50 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज

अमन साव ने मात्र 17 साल की उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रख दिया था। गैंगस्टर साव के ऊपर लगभग 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। 9 मई 2023 को एनटीपीसी कोल परियोजना की आउटसोर्स कंपनी ‘ऋत्विक’ के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर शरद कुमार की हत्या भी अमन साव ने करवाई थी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, शरद कुमार से 60 करोड़ की रंगदारी की मांग की गई थी और मांग पूरी नहीं करने पर उनकी हत्या कर दी गई। इसके अलावा गिरिडीह जेल के जेलर पर फायरिंग के आरोप भी अमन साव पर लगे थे।

ढाई साल में साव को नौ बार जेल से शिफ्ट किया गया

पुलिस सूत्रों के अनुसार अमन साव बीते ढाई साल से झारखंड की जेल में बंद है। लेकिन वो जेल से ही पूरे गैंग को ऑपरेट कर रहा है। झारखंड पुलिस गैंगस्टर अमन साव पर प्रतिबंध लगाने में असफल साबित हो रही है। यही वजह है कि पुलिस उसे बार-बार राज्य के अलग-अलग जेलों में ट्रांसफर कर रही है। गैंगस्टर अमन साहू को बीते ढाई साल में नौ बार अलग-अलग जेलों में रखा गया है।

गैंगस्टर साव।

साव गैंग में 145 गुर्गे, 250 से अधिक हथियार

6 महीने पहले CID ने ATS को जो रिपोर्ट सौंपी थी उसके अनुसार अमन साव के गिरोह में 145 गुर्गे हैं। इनमें 99 जेल से बाहर हैं। इस गैंग के पास 5 एके-47 सहित 250 से ज्यादा हथियार हैं। जेल जाने के बाद अमन साव की गैंग को अमन के गाइडेंस पर मयंक सिंह चला रहा है। अमन पर अलग-अलग थानों में 124 से ज्यादा केस दर्ज हैं। मयंक मूल रूप से यूपी के देवरिया का रहने वाला है। अमन साव गिरोह के पास 250 से अधिक हथियार हैं। जिसमें 9 कार्बाइन, 70 देसी कट्टा और 166 पिस्टल हैं।

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