बिलसपुर। बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय राजनीतिक रंग में रंग गया, जब मंच पर ही भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
जनता की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर दोनों नेताओं के बीच हुई नोकझोंक ने पूरे आयोजन का माहौल गरमा दिया।
कार्यक्रम में पहुंचे कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को समय पर खाद और बीज नहीं मिलने, बिजली-पानी की समस्या, जर्जर सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।
उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि आम लोगों की शिकायतों और आवेदनों का समय पर निराकरण नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।
कांग्रेस नेता के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक धरमलाल कौशिक ने सरकार की योजनाओं और क्षेत्र में कराए गए विकास कार्यों का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जनहित में लगातार काम कर रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच बहस तेज हो गई और मंच पर ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
नेताओं की बहस का असर कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीणों पर भी दिखाई दिया। लोग अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर खुलकर बोलने लगे, जिससे पंडाल का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस दौरान भाजपा और कांग्रेस समर्थकों के बीच नारेबाजी भी शुरू हो गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जबकि भाजपा समर्थकों ने सरकार की उपलब्धियों का समर्थन किया।
स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप किया। काफी समझाइश और मध्यस्थता के बाद माहौल को शांत कराया जा सका। हालांकि सुशासन तिहार के मंच पर हुई यह सियासी भिड़ंत अब पूरे बिल्हा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

